Maulana Razvi: उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने सोमवार को शाम 4 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक पत्र जारी करते हुए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वक्फ की जमीनों और संपत्तियों की बड़े पैमाने पर कथित रूप से अनियमित खरीद-फरोख्त हुई और यदि निष्पक्ष जांच कराई गई तो "बहुत बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।" वक्फ पर सवाल मौलाना रज़वी ने कहा कि वक्फ की संपत्तियां गरीबों, यतीमों, कमजोर तबकों और जनकल्याण के कार्यों के लिए दान की गई थीं, लेकिन उनका उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। उनके अनुसार इन संपत्तियों से होने वाली आय का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए होना चाहिए था, जबकि कथित रूप से वक्फ की जमीनों का गलत तरीके से सौदा किया गया। कड़ी कार्रवाई की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड द्वारा बेची गई सभी जमीनों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मौलाना ने दावा किया कि यदि वक्फ संपत्तियों की आय का पारदर्शी ढंग से उपयोग किया जाए तो गरीब मुस्लिम परिवारों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हो सकता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाजी नसीर अहमद नूरी, मुफ्ती फारुख मिस्बाही, हाजी नाजिम बेग, राहत हुसैन मुन्ना, काशिफ खान, डॉ. अनवर रज़ा कादरी, हाफिज रज़ी अहमद सहित कई लोग उपस्थित रहे। ये भी पढ़ें: 15 दिन पहले बनी दुल्हन, फिर पति से मांगे 40 लाख, फर्जी IAS पत्नी हुई गिरफ्तार